नगरों में असहयोग आंदोलन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही नहीं हैं?
- (1) आंदोलन में केवल उच्च जातियों और धनी लोगों ने भाग लिया।
- (2) मद्रास की जस्टिस पार्टी ने भी परिषद के चुनावों का बहिष्कार किया।
- (3) हजारों विद्यार्थियों ने सरकारी नियंत्रण वाले स्कूल छोड़ दिए, प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों ने त्यागपत्र दे दिए और वकीलों ने अपनी वकालत छोड़ दी।
- Aकेवल (1) और (2)
- Bकेवल (1) और (3)
- Cकेवल (2) और (3)
- Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
- Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (a) केवल (1) और (2)
व्याख्या
असहयोग आंदोलन की औपचारिक शुरुआत 1 अगस्त, 1920 को हुई। इसमें हजारों विद्यार्थियों ने सरकारी नियंत्रण वाले स्कूल छोड़ दिए, प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों ने त्यागपत्र दिए और वकीलों ने अपनी वकालत छोड़ दी। उल्लेखनीय है कि इस आंदोलन में शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लोगों ने भाग लिया और यह उस समय तक के स्वतंत्रता संग्राम का सबसे बड़ा जन-आंदोलन था। उस समय हुए परिषद चुनावों में मद्रास की जस्टिस पार्टी ने भाग लिया और 63 सीटें जीतीं।