दो कथन दिए गए हैं, एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
अभिकथन (A): मिट्टी के तेल (केरोसिन) का अपवर्तनांक (1.44) जल (1.33) से अधिक है।
कारण (R): किसी माध्यम का अपवर्तनांक उसके द्रव्यमान घनत्व पर निर्भर करता है: द्रव्यमान घनत्व जितना अधिक, उसमें प्रकाश की चाल उतनी अधिक।
- A(A) और (R) दोनों सही हैं, और (R), (A) की सही व्याख्या है
- B(A) और (R) दोनों सही हैं, किंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
- C(A) सही है, किंतु (R) गलत है
- D(A) गलत है, किंतु (R) सही है
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (c) (A) सही है, किंतु (R) गलत है
व्याख्या
(A) सही है और (R) गलत है।
- (A): केरोसिन का अपवर्तनांक (लगभग 1.44) जल के (लगभग 1.33) से अधिक है। अतः केरोसिन प्रकाशतः सघन है, यद्यपि वह हल्का है और जल पर तैरता है।
- (R): अपवर्तनांक प्रकाशिक घनत्व पर निर्भर करता है, द्रव्यमान घनत्व पर नहीं। साथ ही, प्रकाशतः सघन माध्यम में प्रकाश धीमा हो जाता है (n = c/v), अतः अधिक अपवर्तनांक का अर्थ प्रकाश की कम चाल है, अधिक नहीं।