दो कथन दिए गए हैं, एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
अभिकथन (A): निकट-दृष्टि दोष वाला व्यक्ति दूर की वस्तुएँ स्पष्ट नहीं देख सकता।
कारण (R): दूर की वस्तुओं का प्रतिबिंब रेटिना के पीछे बनता है।
- A(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
- B(A) और (R) दोनों सही हैं, किंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
- C(A) सही है, किंतु (R) गलत है
- D(A) गलत है, किंतु (R) सही है
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (c) (A) सही है, किंतु (R) गलत है
व्याख्या
(A) सही है और (R) गलत है।
निकट-दृष्टि दोष (मायोपिया) में नेत्रगोलक बहुत लंबा होता है या आँख का लेंस बहुत अधिक वक्र होता है। दूर की वस्तुओं से आने वाला प्रकाश रेटिना के पीछे नहीं, बल्कि रेटिना के आगे फोकस होता है, अतः दूर की वस्तुएँ धुंधली दिखती हैं, जबकि पास की वस्तुएँ स्पष्ट दिखती हैं।
रेटिना के पीछे प्रतिबिंब बनना दूर-दृष्टि दोष (हाइपरमेट्रोपिया) में होता है। निकट-दृष्टि दोष अवतल (अपसारी) लेंस से और दूर-दृष्टि दोष उत्तल लेंस से ठीक किया जाता है।