जब सूर्य का प्रकाश वर्षा की बूँद में प्रवेश करता है और प्राथमिक इंद्रधनुष बनता है, तो प्रकाश के मार्ग का सही वर्णन प्रकाशिक घटनाओं का कौन-सा क्रम करता है?
- Aवर्ण-विक्षेपण → अपवर्तन → पूर्ण आंतरिक परावर्तन → अपवर्तन
- Bअपवर्तन → आंतरिक परावर्तन → अपवर्तन → वर्ण-विक्षेपण
- Cवर्ण-विक्षेपण → अपवर्तन → आंतरिक परावर्तन → अपवर्तन
- Dअपवर्तन → वर्ण-विक्षेपण → आंतरिक परावर्तन → अपवर्तन
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (d) अपवर्तन → वर्ण-विक्षेपण → आंतरिक परावर्तन → अपवर्तन
व्याख्या
प्राथमिक इंद्रधनुष में सूर्य का प्रकाश क्रम से इन घटनाओं से गुज़रता है:
- बूँद में प्रवेश करते समय (वायु से जल में) अपवर्तन;
- वर्ण-विक्षेपण, क्योंकि जल बैंगनी प्रकाश को लाल प्रकाश से अधिक मोड़ता है, अतः रंग अलग हो जाते हैं;
- बूँद की पिछली सतह पर एक बार आंतरिक परावर्तन;
- बूँद से वायु में निकलते समय फिर अपवर्तन।
वर्ण-विक्षेपण पहले अपवर्तन के कारण ही होता है, अतः वह उससे पहले नहीं आ सकता। द्वितीयक इंद्रधनुष में दो आंतरिक परावर्तन होते हैं, इसीलिए उसके रंगों का क्रम उलटा होता है।