73वें संविधान संशोधन अधिनियम की विधायी शुरुआत किस संविधान संशोधन विधेयक से मानी जा सकती है?
- A61वां संविधान संशोधन विधेयक
- B62वां संविधान संशोधन विधेयक
- C63वां संविधान संशोधन विधेयक
- D64वां संविधान संशोधन विधेयक
- Eउपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (d) 64वां संविधान संशोधन विधेयक
व्याख्या
पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा देने वाले 73वें संविधान संशोधन अधिनियम की विधायी शुरुआत 64वें संविधान (संशोधन) विधेयक से हुई। यह विधेयक तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने मई, 1989 में लोक सभा में पेश किया था। परंतु राज्य सभा द्वारा पारित न होने के कारण यह व्यपगत हो गया। इसके बाद 72वां संविधान (संशोधन) विधेयक, 1991 संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किया गया और 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के रूप में लागू हुआ।