लोक सभा के अध्यक्ष को प्राप्त है
- Aकेवल मतों के बराबर होने पर मत देने का अधिकार
- Bसदन के अन्य सदस्यों की तरह मत देने का अधिकार
- Cदो मत—एक सामान्य रूप से और दूसरा मतों के बराबर होने पर
- Dमत देने का कोई अधिकार नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (a) केवल मतों के बराबर होने पर मत देने का अधिकार
व्याख्या
अनुच्छेद 100(1) के अंतर्गत लोक सभा का अध्यक्ष किसी भी विषय पर प्रथमतः मत नहीं देता; परंतु मत बराबर होने पर उसे निर्णायक मत का अधिकार है और वह उसका प्रयोग करता है। इसके अतिरिक्त अनुच्छेद 96(1) के अंतर्गत जब लोक सभा में अध्यक्ष को हटाने का संकल्प विचाराधीन हो, तब अध्यक्ष उपस्थित होने पर भी पीठासीन नहीं होगा; और अनुच्छेद 96(2) के अंतर्गत उस स्थिति में अध्यक्ष को उस संकल्प पर प्रथमतः मत देने का अधिकार होगा, परंतु मत बराबर होने पर निर्णायक मत का अधिकार नहीं होगा। इस आधार पर विकल्प (c) भी सही प्रतीत हो सकता है; परंतु विकल्प (a) अधिक सटीक उत्तर है।