मानव बलि प्रथा पर प्रतिबंध लगाने के कारण अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह करने वाली जनजाति थी:
- Aकूकी
- Bखोंड
- Cउरांव
- Dनाइकडा
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (b) खोंड
व्याख्या
खोंड जनजाति के लोग तमिलनाडु से बंगाल और मध्य भारत तक फैले विशाल पहाड़ी क्षेत्र में रहते थे। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण वे काफी हद तक स्वतंत्र थे। उन्होंने 1846-1855 के बीच एक युवा राजा के नाम पर अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह किया (यह आंदोलन इस अवधि से पहले और बाद में भी चलता रहा; यह चरण मुख्यतः चक्र बिसोई के नेतृत्व से जुड़ा है)। विद्रोह के मुख्य कारण थे ब्रिटिश सरकार द्वारा मानव बलि (मेरिया) पर प्रतिबंध के प्रयास, नए कर लगाना और कई क्षेत्रों में जमींदारों तथा साहूकारों का प्रवेश, जिससे आदिवासियों को भारी कष्ट हुआ। अंग्रेजों ने एक 'मेरिया एजेंसी' बनाई, जिसके विरुद्ध खोंडों ने विद्रोह किया।