मुगल प्रशासन में 'मदद-ए-माश' इंगित करता है:
- Aचुंगी कर
- Bविद्वान व्यक्ति को दी गई राजस्व-मुक्त भूमि
- Cसैन्य अधिकारियों को दी जाने वाली पेंशन
- Dखेती पर कर
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (b) विद्वान व्यक्ति को दी गई राजस्व-मुक्त भूमि
व्याख्या
मुगल प्रशासन में विद्वानों और धार्मिक व्यक्तियों को दिया जाने वाला राजस्व-मुक्त भूमि अनुदान 'मदद-ए-माश' कहलाता था। इसे 'सयूरगाल' भी कहते थे। दान की गई समस्त भूमि का निरीक्षण सद्र करता था और सद्र का यह भी दायित्व था कि इन अनुदानों का दुरुपयोग न हो। यह भूमि हस्तांतरणीय नहीं थी और अनुदान पाने वाले के पास वंशानुगत रूप से रहती थी।