1857 के विद्रोह के बाद अंग्रेजों ने सैनिकों की भर्ती किनमें से की?
- Aउत्तर प्रदेश और बिहार के ब्राह्मण
- Bपूर्व के बंगाली और उड़िया
- Cउत्तर के गोरखा, सिख और पंजाबी
- Dमद्रास प्रेसीडेंसी और मराठा
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (c) उत्तर के गोरखा, सिख और पंजाबी
व्याख्या
1857 के विद्रोह के बाद ब्रिटिश सरकार ने बंगाल, बिहार और अवध के उच्च जाति के हिंदुओं से भर्ती हटाकर उन लोगों को चुना, जिन्हें अंग्रेज 'लड़ाकू नस्लें' कहते थे, विशेषकर डोगरा, जाट, राजपूत, बलूची, गढ़वाली, गोरखा, सिख और पंजाब के उत्तरी प्रांतों के लोग। उत्तर प्रदेश और बिहार के सैनिकों ने 1857 का विद्रोह भड़काने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, इसलिए ब्रिटिश सरकार उन्हें संदेह की दृष्टि से देखती थी। विद्रोह के समय बंगाल सेना के 60% सैनिक अवध और उत्तर-पश्चिमी प्रांतों (यू.पी.) के थे। इसी कारण 1 नवंबर, 1858 की महारानी विक्टोरिया की घोषणा के तहत सेना का पुनर्गठन किया गया, जो विभाजन और प्रलोभन की नीति पर आधारित था।