आधुनिक इतिहास PYQ 630 / 636 · कला एवं संस्कृति

होयसल कला के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  • 1. होयसल शैली (1050-1300 ई.) कर्नाटक के दक्षिणी क्षेत्र में विकसित हुई।
  • 2. होयसल कला का आरंभ ऐहोल, बादामी और पट्टदकल के आरंभिक चालुक्य मंदिरों में देखा जा सकता है।
  • 3. इस कला का प्रयोग करने वाला एक महत्वपूर्ण स्मारक बेलूर में स्थित केशव मंदिर है।
  • 4. स्थापत्य योजना के अतिरिक्त होयसल शैली ने कुछ और विशिष्ट विशेषताएं प्राप्त कीं। उदाहरण के लिए, अधिक सुलभ बलुआ पत्थर के कारण क्लोराइटिक शिस्ट का प्रयोग छोड़ दिया गया।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

  1. Aकेवल 1 और 2
  2. Bकेवल 3 और 4
  3. Cकेवल 2 और 3
  4. D1, 2 और 3

B.P.S.C. District Art & Culture Officer 2021

उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (d) 1, 2 और 3

व्याख्या

1. होयसल शैली (1050-1300 ई.) कर्नाटक के दक्षिणी क्षेत्र में विकसित हुई; अतः कथन 1 सही है। 2. होयसल कला का आरंभ ऐहोल, बादामी और पट्टदकल के आरंभिक चालुक्य मंदिरों में देखा जा सकता है; कथन 2 भी सही है। 3. इस कला का प्रयोग करने वाला एक महत्वपूर्ण स्मारक बेलूर का केशव मंदिर है; कथन 3 भी सही है। 4. होयसल मंदिर अत्यधिक अलंकृत हैं और इनमें सोपस्टोन (सेलखड़ी) का व्यापक प्रयोग हुआ। सोपस्टोन बलुआ पत्थर से नरम और नक्काशी के लिए अधिक उपयुक्त होता है, इसलिए कथन 4 गलत है।

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