बांग्ला नाटक 'नील दर्पण' का अंग्रेजी में अनुवाद किसने किया था?
- Aदीनबंधु मित्र
- Bजेम्स लॉन्ग
- Cएंटोनियो ग्राम्शी
- Dमाइकल मधुसूदन दत्त
- Eउपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (d) माइकल मधुसूदन दत्त
व्याख्या
दीनबंधु मित्र के बांग्ला नाटक 'नील दर्पण' में नील विद्रोह (1859-60) का उल्लेख है और इसमें किसानों के शोषण को उजागर किया गया है। मूल बांग्ला से 'नील दर्पण' का अंग्रेजी अनुवाद 1861 में अनुवादक का नाम दिए बिना प्रकाशित हुआ और अनुवादक का उल्लेख केवल 'एक देशी व्यक्ति' (मूल पाठ में—'Translated from the Bengali by a Native') के रूप में हुआ। अंग्रेजी संस्करण को प्रकाशित करने और उसकी देखरेख करने वाले जेम्स लॉन्ग ने कभी अनुवादक की पहचान नहीं बताई। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और शिवनाथ शास्त्री जैसे समकालीन विद्वानों का मानना था कि अनुवादक माइकल मधुसूदन दत्त थे। यद्यपि यह धारणा व्यापक है, परंतु इसकी कोई औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह आज भी विवाद का विषय है।