पूना समझौते का उद्देश्य था:
- Aहिंदू-मुस्लिम एकता
- Bअछूतों को प्रतिनिधित्व देना
- Cराजाओं को विशेषाधिकार देना
- Dद्वैध शासन पर पुनर्विचार
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (b) अछूतों को प्रतिनिधित्व देना
व्याख्या
सांप्रदायिक पंचाट में प्रांतीय विधानमंडलों में दलितों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या 71 थी, जिसे पूना समझौते में बढ़ाकर 148 (मद्रास-30, सिंध सहित बंबई-15, पंजाब-8, बिहार और उड़ीसा-18, मध्य प्रांत और बरार-20, असम-7, बंगाल-30 और आगरा तथा अवध का संयुक्त प्रांत-20) कर दिया गया। कुछ पुस्तकों में यह संख्या 147 दी गई है। साथ ही केंद्रीय विधानमंडल में सामान्य वर्ग की 18 प्रतिशत सीटें दलित वर्गों के लिए आरक्षित की गईं।