निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: ज़मींदारी एसोसिएशन, जिसे लैंडहोल्डर्स सोसाइटी भी कहते हैं, औपनिवेशिक भारत में ज़मींदारों के हितों की रक्षा के लिए 1838 में स्थापित हुई।
कथन II: ज़मींदारी एसोसिएशन ने आम लोगों की समस्याओं पर आवाज़ उठाई और ग्रामीण जनता के हित में सुधारों की माँग की।
उपर्युक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?
- Aकथन I और कथन II दोनों सही हैं, और कथन II, कथन I की सही व्याख्या है
- Bकथन I और कथन II दोनों सही हैं, किंतु कथन II, कथन I की सही व्याख्या नहीं है
- Cकथन I गलत है, किंतु कथन II सही है
- Dकथन I सही है, किंतु कथन II गलत है
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (d) कथन I सही है, किंतु कथन II गलत है
व्याख्या
कथन I सही है; II गलत है।
ज़मींदारी एसोसिएशन, जिसे लैंडहोल्डर्स सोसाइटी भी कहते हैं, 1838 में कलकत्ता में द्वारकानाथ टैगोर, प्रसन्न कुमार टैगोर और अन्य ने स्थापित की। यह भारत के पहले राजनीतिक संगठनों में से एक थी। यह याचिकाओं और कानूनी तरीकों से ज़मींदारों के हितों, विशेषकर स्थायी बंदोबस्त, की रक्षा के लिए बनी थी; यह आम लोगों या किसानों की आवाज़ नहीं थी।
बाद में यह बंगाल ब्रिटिश इंडिया सोसाइटी के साथ मिलकर ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन (1851) बनी।