काँच का सबसे उपयुक्त वर्णन है:
- Aएक मिश्रधातु
- Bएक गलनक्रांतिक (यूटेक्टिक) मिश्रण
- Cएक अतिशीतित विलयन
- Dएक जेल
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (c) एक अतिशीतित विलयन
व्याख्या
काँच एक अक्रिस्टलीय ठोस है: इसके कणों में क्रिस्टल जैसी नियमित, दोहराई जाने वाली व्यवस्था नहीं होती। यह तब बनता है जब पिघले सिलिकेट (सोडा और चूने के साथ रेत) जल्दी ठंडे किए जाते हैं, अतः कण व्यवस्थित होने से पहले ही अपनी जगह जम जाते हैं।
अतः काँच को अतिशीतित द्रव कहा जाता है, जिसे यहाँ अतिशीतित विलयन कहा गया है। क्रिस्टलीय ठोस के विपरीत, इसका कोई निश्चित गलनांक नहीं होता और यह तापों के एक परास में धीरे-धीरे नरम होता है।
- मिश्रधातु किसी धातु का अन्य धातुओं या किसी अधातु के साथ मिश्रण है, जैसे पीतल।
- गलनक्रांतिक मिश्रण एक ही ताप पर पिघलता है, जो उसके किसी भी घटक के गलनांक से कम होता है।
- जेल किसी ठोस में फैले द्रव का कोलॉइड है, जैसे जेली।