किस घटना ने खिलाफत आंदोलन के लिए उत्प्रेरक का काम किया?
- Aवर्साय की संधि
- Bबंगाल का विभाजन
- Cजलियांवाला बाग हत्याकांड
- Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
- Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (a) वर्साय की संधि
व्याख्या
खिलाफत आंदोलन का तात्कालिक मुद्दा यह आशंका थी कि प्रथम विश्व युद्ध के बाद उस्मानी साम्राज्य पर कठोर शांति शर्तें थोपी जाएंगी, और मुस्लिम जगत में अत्यंत सम्मानित खलीफा के पद तथा अधिकारों की रक्षा का प्रश्न था। इसी संदर्भ में मार्च, 1919 में बंबई में खिलाफत कमेटी बनाई गई। खिलाफत के समर्थकों का विश्वास था कि मित्र राष्ट्र उस्मानी साम्राज्य से नरमी बरतेंगे; परंतु जून, 1919 में मित्र राष्ट्रों द्वारा जर्मनी के साथ की गई अपमानजनक वर्साय की संधि ने यह विश्वास तोड़ दिया। परिणामस्वरूप तुर्की के पवित्र स्थानों और खलीफा के पद की रक्षा के लिए भारत में खिलाफत आंदोलन तीव्र हो गया। यद्यपि वर्साय की संधि का सीधा संबंध उस्मानी साम्राज्य से नहीं था, फिर भी खलीफा के पद और उस्मानी साम्राज्य के भविष्य से जुड़ी धारणाओं को प्रभावित कर इसने भारत के खिलाफत आंदोलन को प्रभावित किया।