सूची-I (आधुनिक भौतिकी की अवधारणा) का सूची-II (संबंधित पद) से मिलान कीजिए:
| सूची-I | सूची-II |
|---|---|
| I. दे ब्रॉग्ली परिकल्पना | 1. γ → e⁻ + e⁺ |
| II. कॉम्पटन प्रभाव | 2. स्पेक्ट्रमी रेखाओं का विभाजन |
| III. ज़ीमान प्रभाव | 3. द्रव्य तरंगें |
| IV. युग्म उत्पादन | 4. फ़ोटॉन प्रकीर्णन |
कूट (I II III IV के क्रम में):
- A1, 2, 3, 4
- B2, 1, 4, 3
- C3, 4, 2, 1
- D4, 1, 2, 3
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (c) 3, 4, 2, 1
व्याख्या
- I. दे ब्रॉग्ली परिकल्पना → 3, द्रव्य तरंगें: इलेक्ट्रॉन जैसे गतिमान कणों की तरंगदैर्ध्य λ = h/p होती है।
- II. कॉम्पटन प्रभाव → 4, फ़ोटॉन प्रकीर्णन: इलेक्ट्रॉनों से प्रकीर्णित X-किरण फ़ोटॉन अधिक तरंगदैर्ध्य के साथ निकलते हैं, जो दिखाता है कि प्रकाश कण की तरह संवेग रखता है।
- III. ज़ीमान प्रभाव → 2, स्पेक्ट्रमी रेखाओं का विभाजन, जब परमाणुओं को चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है।
- IV. युग्म उत्पादन → 1, γ → e⁻ + e⁺: नाभिक के पास उच्च ऊर्जा का गामा फ़ोटॉन एक इलेक्ट्रॉन और एक पॉज़िट्रॉन में बदल जाता है। इसके लिए कम से कम 1.02 MeV चाहिए।
अतः कूट 3, 4, 2, 1 है।