नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
अभिकथन (A): ऊर्ध्वाधर वृत्तीय गति में सबसे ऊँची स्थिति पर डोरी में तनाव न्यूनतम होता है।
कारण (R): सबसे ऊँचे बिंदु पर तनाव = अपकेंद्री बल − वस्तु का भार। यह पूरी गति में तनाव का न्यूनतम मान है।
उपर्युक्त कथनों के आलोक में नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनिए:
- A(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
- B(A) सही है किंतु (R) गलत है
- C(A) गलत है किंतु (R) सही है
- Dइनमें से कोई भी सही नहीं है
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर (इनमें से कोई भी): (a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है या (b) (A) सही है किंतु (R) गलत है
व्याख्या
(A) सही है। ऊर्ध्वाधर वृत्त के शीर्ष पर भार भी तनाव के साथ केंद्र की ओर लगता है, अतः डोरी को वहाँ सबसे कम बल देना पड़ता है। शीर्ष पर चाल भी सबसे कम होती है। अतः सबसे ऊँचे बिंदु पर तनाव न्यूनतम होता है।
शीर्ष पर केंद्र की ओर लगने वाले बल आवश्यक अभिकेंद्री बल देते हैं: T + mg = mv²/r, अतः T = mv²/r − mg।
(R) इसे "अपकेंद्री बल − भार" के रूप में लिखता है। जड़त्वीय तंत्र में कोई अपकेंद्री बल नहीं होता, अतः पुस्तक की कुंजी (R) को गलत मानकर (b) देती है। किंतु वस्तु के साथ घूमते तंत्र में mv²/r बाहर की ओर अपकेंद्री बल के रूप में लगता है, और तब (R) का सूत्र और उसका दावा (न्यूनतम तनाव) सही हैं। अतः (a) के पक्ष में भी तर्क दिया जा सकता है।
The book's key is (b), because (R) uses the centrifugal force, a pseudo-force. But in a frame moving with the body, (R)'s formula T = mv²/r − mg is correct, so (a) is also accepted.