नीचे दो कथन दिए गए हैं, एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है। इन कथनों के आलोक में नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनिए।
अभिकथन (A): सरल आवर्त गति में कण की स्थितिज ऊर्जा चरम स्थितियों पर अधिकतम होती है।
कारण (R): चरम स्थितियों पर कण का वेग अधिकतम होता है।
- A(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है
- B(A) और (R) दोनों सही हैं किंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है
- C(A) गलत है किंतु (R) सही है
- D(A) सही है किंतु (R) गलत है
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (d) (A) सही है किंतु (R) गलत है
व्याख्या
(A) सही है और (R) गलत है।
सरल आवर्त गति में:
- चरम स्थितियों पर विस्थापन सबसे अधिक होता है, अतः स्थितिज ऊर्जा अधिकतम होती है। कण वहाँ क्षण भर रुकता है, अतः उसका वेग (और गतिज ऊर्जा) शून्य होता है;
- माध्य स्थिति पर वेग और गतिज ऊर्जा अधिकतम और स्थितिज ऊर्जा न्यूनतम होती है।
पूरी गति में कुल ऊर्जा (KE + PE) स्थिर रहती है।