टिन का बना एक फ्यूज़ तार इस प्रकार बनाया गया है कि धारा 10 A से अधिक होने पर वह पिघल जाए। उसी पदार्थ के फ्यूज़ तार में क्या परिवर्तन किया जाए कि वह किसी विद्युत उपकरण तक 30 A तक की धारा सुरक्षित रूप से ले जा सके?
- Aफ्यूज़ तार का अनुप्रस्थ-काट क्षेत्रफल (मोटाई) बढ़ाएँ और उसे उपकरण के साथ श्रेणीक्रम में जोड़ें
- Bफ्यूज़ तार का अनुप्रस्थ-काट क्षेत्रफल (मोटाई) बढ़ाएँ और उसे उपकरण के साथ समांतर क्रम में जोड़ें
- Cफ्यूज़ तार का अनुप्रस्थ-काट क्षेत्रफल (मोटाई) घटाएँ और उसे उपकरण के साथ श्रेणीक्रम में जोड़ें
- Dफ्यूज़ तार का अनुप्रस्थ-काट क्षेत्रफल (मोटाई) घटाएँ और उसे उपकरण के साथ समांतर क्रम में जोड़ें
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (a) फ्यूज़ तार का अनुप्रस्थ-काट क्षेत्रफल (मोटाई) बढ़ाएँ और उसे उपकरण के साथ श्रेणीक्रम में जोड़ें
व्याख्या
फ्यूज़ तब पिघलता है जब उसमें उत्पन्न ऊष्मा (H = I²Rt) उसे गलनांक तक पहुँचा देती है। उसे 10 A के स्थान पर 30 A बिना पिघले ले जाने देने के लिए उसका प्रतिरोध कम करना होगा:
- R = ρL/A, अतः उसी पदार्थ का मोटा तार (अधिक अनुप्रस्थ-काट क्षेत्रफल) कम प्रतिरोध और अधिक धारा-क्षमता वाला होता है।
फ्यूज़ को सदा उपकरण के साथ श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है, ताकि पिघलने पर वह परिपथ तोड़ दे और धारा रोक दे। समांतर क्रम में धारा जले हुए फ्यूज़ को छोड़कर आगे बहती रहेगी।