प्रांतों में द्वैध शासन के अंतर्गत 'हस्तांतरित विषयों' की देखरेख राज्यपाल और उनकी मंत्रिपरिषद को करनी थी। निम्नलिखित में से कौन-सा/से उनमें शामिल नहीं था/थे?
- (i) शिक्षा
- (ii) स्थानीय स्वशासन
- (iii) श्रम
- (iv) भू-राजस्व
नीचे दिए गए कूट से उत्तर चुनिए:
- A(iii) और (iv)
- Bकेवल (iv)
- C(i) और (ii)
- D(ii) और (iv)
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (a) (iii) और (iv)
व्याख्या
भारत शासन अधिनियम, 1919 (मॉन्टेग्यू–चेम्सफोर्ड सुधार) ने प्रांतों में द्वैध शासन लागू किया। इसने प्रांतीय विषयों को दो सूचियों में बांटा:
- हस्तांतरित विषय: राज्यपाल द्वारा विधान परिषद के प्रति उत्तरदायी भारतीय मंत्रियों के साथ संचालित: उदाहरण के लिए, शिक्षा, स्थानीय स्वशासन, सार्वजनिक स्वास्थ्य और कृषि।
- आरक्षित विषय: राज्यपाल और उनकी कार्यकारी परिषद द्वारा संचालित, जो विधानमंडल के प्रति उत्तरदायी नहीं थी: उदाहरण के लिए, भू-राजस्व, श्रम, पुलिस, न्याय और वित्त।
इसलिए श्रम और भू-राजस्व हस्तांतरित विषय नहीं थे।