न्यायिक पुनर्विलोकन के क्षेत्र के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- 1. संसद की किसी विधि से प्राप्त प्राधिकार को इस आधार पर चुनौती दी जा सकती है कि संसद का वह अधिनियम ही असंवैधानिक है।
- 2. प्रत्यायोजित विधान को वैधता के आधार पर चुनौती दी जा सकती है।
- 3. प्रशासन द्वारा मौलिक अधिकारों की पवित्रता का उल्लंघन किया जाता है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- Aकेवल 1 और 2
- B1, 2 और 3
- Cकेवल 1
- Dकेवल 2 और 3
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (b) 1, 2 और 3
व्याख्या
तीनों न्यायिक पुनर्विलोकन के क्षेत्र में आते हैं:
1. संसद के किसी अधिनियम से प्राप्त शक्ति को इस आधार पर चुनौती दी जा सकती है कि वह अधिनियम ही असंवैधानिक है (अनुच्छेद 13)।
2. प्रत्यायोजित विधान (कार्यपालिका द्वारा बनाए गए नियम) को चुनौती दी जा सकती है यदि वह मूल अधिनियम या संविधान से आगे जाता है (अधिकारातीत)।
3. मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने वाली प्रशासनिक कार्रवाई को अनुच्छेद 32 और 226 के अंतर्गत निरस्त किया जा सकता है।