भारत का संविधान न्यायिक पुनर्विलोकन की शक्ति किसे देता है?
- Aकेवल सर्वोच्च न्यायालय
- Bसर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय दोनों
- Cसभी न्यायालय
- Dउपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (b) सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय दोनों
व्याख्या
भारत में न्यायिक पुनर्विलोकन की शक्ति सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के पास है। वे संविधान के विरुद्ध विधियों और कार्यकारी कार्यों को निरस्त कर सकते हैं।
संविधान में यह शब्द प्रयुक्त नहीं है, परंतु यह शक्ति कई अनुच्छेदों पर आधारित है, मुख्यतः अनुच्छेद 13 (मौलिक अधिकारों से असंगत विधियां शून्य हैं), अनुच्छेद 32 (सर्वोच्च न्यायालय) और अनुच्छेद 226 (उच्च न्यायालय)। अधीनस्थ न्यायालयों के पास यह शक्ति नहीं है।