बंदी प्रत्यक्षीकरण के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- (1) बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट का उल्लेख अनुच्छेद 32 और 226 दोनों में है।
- (2) इस रिट का मुख्य उद्देश्य अवैध रूप से निरुद्ध पाए गए व्यक्ति को मुक्त कराना है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- A(1) और (2) दोनों
- Bकेवल (1)
- Cकेवल (2)
- Dउपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (a) (1) और (2) दोनों
व्याख्या
दोनों कथन सही हैं।
- सर्वोच्च न्यायालय अनुच्छेद 32 के अंतर्गत और उच्च न्यायालय अनुच्छेद 226 के अंतर्गत रिट जारी कर सकते हैं, जिनमें बंदी प्रत्यक्षीकरण भी है।
- बंदी प्रत्यक्षीकरण ("शरीर को प्रस्तुत करो") किसी व्यक्ति को निरुद्ध रखने वाले प्राधिकारी को आदेश देता है कि वह उस व्यक्ति को न्यायालय के सामने प्रस्तुत करे। यदि न्यायालय निरोध को अवैध पाता है, तो वह व्यक्ति को मुक्त करने का आदेश देता है।
अन्य रिट हैं: परमादेश, प्रतिषेध, उत्प्रेषण और अधिकार पृच्छा।