यदि नील किसान नील की खेती से छूट चाहते थे, तो उन्हें कौन-सा क्षतिपूर्ति कर देना पड़ता था?
- Aबट्टा
- Bजजिया
- Cतावान
- Dनजराना
- Eउपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (c) तावान
व्याख्या
किसानों को अपनी भूमि के कम से कम 3/20 भाग पर नील की खेती करनी पड़ती थी और उसे यूरोपीय बागान मालिकों द्वारा तय कीमतों पर बेचना पड़ता था। इसे तिनकठिया प्रणाली भी कहा जाता था। यदि किसान नील की खेती से छूट चाहते थे, तो उन्हें क्षतिपूर्ति देनी पड़ती थी, जिसे 'तावान' कहा जाता था।