चंपारण के नील किसानों की दुर्दशा की ओर गांधी जी का ध्यान किसने आकर्षित किया?
- Aराजेंद्र प्रसाद
- Bअनुग्रह नारायण सिन्हा
- Cआचार्य कृपलानी
- Dराजकुमार शुक्ल
- Eउपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (d) राजकुमार शुक्ल
व्याख्या
जनवरी, 1915 में दक्षिण अफ्रीका से लौटने के बाद गांधी जी ने 1917 ई. में बिहार के चंपारण जिले में अपना पहला सफल सत्याग्रह किया। 1916 ई. में चंपारण के एक किसान राजकुमार शुक्ल ने लखनऊ में गांधी जी से भेंट की और उनसे चंपारण आने का आग्रह किया। चंपारण का मामला काफी पुराना था। 19वीं सदी के अंत तक जर्मनी के कृत्रिम रंगों ने बाजार में नील का स्थान ले लिया। परिणामस्वरूप चंपारण के यूरोपीय बागान मालिक नील की खेती बंद करने को विवश हो गए। किसान भी नकदी फसल के रूप में नील की खेती से छुटकारा चाहते थे। किसानों की विवशता का लाभ उठाकर गोरे बागान मालिकों ने अनुबंध से मुक्त करने के नाम पर लगान और अन्य गैर-कानूनी करों में मनमानी वृद्धि कर दी। किसानों के इसी शोषण के विरुद्ध गांधी जी ने चंपारण सत्याग्रह शुरू किया।