मुक्त रूप से गिरते पिंड की स्थितिज ऊर्जा लगातार कम होती जाती है।
- Aऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत का उल्लंघन नहीं होता
- Bऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत का उल्लंघन होता है
- Cगुरुत्वाकर्षण बल का उल्लंघन होता है
- Dगुरुत्वाकर्षण बल का उल्लंघन नहीं होता
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर (इनमें से कोई भी): (a) ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत का उल्लंघन नहीं होता या (d) गुरुत्वाकर्षण बल का उल्लंघन नहीं होता
व्याख्या
पिंड के गिरने पर उसकी स्थितिज ऊर्जा घटती है, पर उसकी गतिज ऊर्जा उतनी ही बढ़ जाती है।
ऊर्जा संरक्षण के नियम के अनुसार कुल यांत्रिक ऊर्जा (PE + KE) स्थिर रहती है।
ऊर्जा केवल रूपांतरित होती है, नष्ट नहीं होती, इसलिए सिद्धांत का उल्लंघन नहीं होता।
कथन (d) भी सत्य है: गुरुत्व एक संरक्षी बल है, और पिंड केवल उसी बल की दिशा में गति करता है, जैसा गुरुत्वाकर्षण का नियम अपेक्षा करता है। अतः (a) और (d) दोनों सही हैं; उत्तर कुंजी ने (a) दिया।