कावेरी जल विवाद है—
- Aआंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के बीच
- Bआंध्र प्रदेश और कर्नाटक के बीच
- Cकर्नाटक और तमिलनाडु के बीच
- Dतमिलनाडु और पुडुचेरी के बीच
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (c) कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच
व्याख्या
कावेरी जल विवाद कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी (राज्य/केंद्रशासित प्रदेश) के बीच है। हालांकि यह विवाद मूल रूप से मुख्यतः कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच शुरू हुआ था। इस विवाद की जड़ें तत्कालीन मद्रास प्रेसीडेंसी और मैसूर रियासत के बीच 1892 और 1924 में हुए समझौतों में हैं। स्वतंत्रता के बाद कर्नाटक ने यह कहते हुए इन समझौतों को मानने से इनकार कर दिया कि इनमें तमिलनाडु को वरीयता दी गई थी। कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच आपसी समझौता न हो पाने के कारण केंद्र सरकार ने 1990 में ‘कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण’ का गठन किया। सर्वोच्च न्यायालय का अंतिम निर्णय 2018 में आया, जिसमें न्यायालय ने कावेरी नदी के जल को राष्ट्रीय संपत्ति कहा और CWDT द्वारा किए गए अंतिम जल-बंटवारे को आंशिक संशोधनों के साथ बरकरार रखा।