आधुनिक इतिहास PYQ 204 / 636 · भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

बीसवीं शताब्दी के आरंभिक वर्षों में कांग्रेस में फूट की प्रक्रिया किस पर शुरू हुई?

  1. Aकांग्रेस आंदोलन की रणनीतियों पर
  2. Bकांग्रेस के उद्देश्यों पर
  3. Cकांग्रेस आंदोलन में जनता की भागीदारी पर
  4. Dउपर्युक्त सभी

56th to 59thB.P.S.C. (Pre) 2014

उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (d) उपर्युक्त सभी

व्याख्या

बीसवीं शताब्दी के आरंभिक वर्षों में कांग्रेस में फूट का एक बड़ा कारण यह था कि नरमपंथी अपनी रणनीतियों और उद्देश्यों में असफल रहे और आम जनता को अपने साथ नहीं रख सके। नरमपंथियों ने जनता के बीच काम नहीं किया। वे राजनीतिक घटनाक्रम के अनुसार अपनी रणनीति नहीं बदल सके। वे यह नहीं समझ सके कि उनकी उपलब्धियों ने ही उनकी राजनीति को अव्यावहारिक बना दिया था। नरमपंथियों और गरमपंथियों दोनों का दृष्टिकोण और आकलन भी गलत था, आपसी मतभेद की दृष्टि से भी और राष्ट्रवादी दृष्टि से भी। नरमपंथी यह नहीं समझ सके कि सरकार मुख्यतः गरमपंथियों के भय से ही उनसे बातचीत कर रही थी, और गरमपंथी यह नहीं समझ सके कि उनके संघर्ष में नरमपंथी एक सुरक्षा कवच का काम कर सकते थे। परिणामस्वरूप 1907 ई. के सूरत अधिवेशन में कांग्रेस का विभाजन हो गया।

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