संविधान का 73वां संशोधन संबंधित है -
- Aराष्ट्रपति पर महाभियोग से
- Bनिर्वाचन आयोग की नियुक्ति से
- Cशैक्षणिक संस्थानों में स्थानों के आरक्षण से
- Dपंचायती राज व्यवस्था से
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (d) पंचायती राज व्यवस्था से
व्याख्या
पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा देने वाले 73वें संविधान संशोधन अधिनियम की विधायी शुरुआत 64वें संविधान (संशोधन) विधेयक से हुई। यह विधेयक तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने मई, 1989 में लोक सभा में पेश किया था। परंतु राज्य सभा द्वारा पारित न होने के कारण यह व्यपगत हो गया। इसके बाद 72वां संविधान (संशोधन) विधेयक, 1991 संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किया गया और 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के रूप में लागू हुआ।