भारतीय राजव्यवस्था PYQ 322 / 375 · पंचायती राज और सामुदायिक विकास

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—

73वें संशोधन के बाद विकेंद्रीकरण किया गया—

  • 1. निर्णय लेने की शक्तियों का
  • 2. पूरी व्यवस्था का
  • 3. न्यायिक शक्तियों का
  • 4. प्रशासनिक शक्तियों का

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

  1. Aकेवल 2, 3 और 4
  2. Bकेवल 1, 2 और 3
  3. Cकेवल 1, 2 और 4
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
  5. Eउपर्युक्त में से कोई नहीं

68th B.P.S.C. (Pre) 2023

उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (c) केवल 1, 2 और 4

व्याख्या

पंचायती राज लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण के लिए बनाई गई व्यवस्था है। 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के द्वारा संविधान के भाग 9 में 16 नए अनुच्छेद और ग्यारहवीं अनुसूची जोड़ी गई। इसके अंतर्गत कुल 29 विषय पंचायतों के क्षेत्राधिकार में रखे गए। उल्लेखनीय है कि 73वें संविधान संशोधन अधिनियम का उद्देश्य प्रशासनिक विकेंद्रीकरण है, न्यायिक विकेंद्रीकरण नहीं। इस व्यवस्था के संवैधानिक रूप से अस्तित्व में आने के बाद भारत में न्यायपालिका की संरचना में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। इस प्रकार स्पष्ट है कि 73वां संविधान संशोधन अधिनियम न्यायिक विकेंद्रीकरण का कोई विधिक आधार नहीं देता। इन विषयों में कार्य करने के लिए प्रशासनिक शक्तियां भी दी गई हैं।

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