भारत के संविधान के 42वें संशोधन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. इसने प्रस्तावना में तीन शब्द जोड़े—‘समाजवादी’, ‘पंथनिरपेक्ष’ और ‘अखंडता’।
- 2. इसने संविधान में आठ मौलिक कर्तव्य जोड़े।
- 3. इसने नए नीति-निदेशक तत्व जोड़े, अर्थात अनुच्छेद 39क, अनुच्छेद 43क और अनुच्छेद 47।
- 4. इसने राष्ट्रपति को निर्वाचन आयोग के परामर्श से राज्य विधानमंडलों के सदस्यों को निरर्हित करने की शक्ति दी।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से गलत हैं?
- A1 और 2
- B3 और 4
- C2 और 3
- D1 और 4
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (c) 2 और 3
व्याख्या
संविधान (बयालीसवां संशोधन) अधिनियम, 1976 ने संविधान के कई प्रावधानों में परिवर्तन किए और कई नए प्रावधान भी जोड़े। इसलिए इसे “लघु संविधान” कहा जाता है। इसके द्वारा ये प्रावधान जोड़े या संशोधित किए गए—
• इसने प्रस्तावना में तीन नए शब्द जोड़े— समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता।
• इसने संविधान में 10 मौलिक कर्तव्य जोड़े।
• तीन नए नीति-निदेशक तत्व जोड़े गए— समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता (अनुच्छेद 39क), उद्योगों के प्रबंधन में कर्मकारों की भागीदारी (अनुच्छेद 43क), और पर्यावरण का संरक्षण तथा संवर्धन और वनों तथा वन्यजीवों की रक्षा (अनुच्छेद 48क)।
• अनुच्छेद 192 को प्रतिस्थापित करके इसने राष्ट्रपति को निर्वाचन आयोग की सलाह पर राज्य विधानसभाओं/परिषदों के सदस्यों को निरर्हित करने की शक्ति दी; परंतु संविधान (चवालीसवां संशोधन) अधिनियम, 1978 द्वारा यह शक्ति फिर से राज्यपाल को दे दी गई। इस प्रकार दिए गए कथनों में कथन 1 और 4 सही हैं, जबकि कथन 2 और 3 गलत हैं।