यदि भारत में 'एक राष्ट्र एक चुनाव' को साकार करना हो, तो भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में संशोधन की आवश्यकता होगी?
- Aअनुच्छेद 83
- Bअनुच्छेद 172
- Cअनुच्छेद 356
- Dअनुच्छेद 246
- Eउपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (e) उपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
व्याख्या
यदि भारत में “एक राष्ट्र, एक चुनाव” की व्यवस्था लागू की जाती है, तो सभी राज्य विधानसभाओं के कार्यकाल को लोक सभा के कार्यकाल के साथ जोड़ना आवश्यक होगा। ऐसी स्थिति में राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल तदनुसार बढ़ाना या घटाना होगा, और लोक सभा के मौजूदा कार्यकाल को भी इसी प्रकार समायोजित करना होगा। इसके अतिरिक्त इस व्यवस्था को लागू करने के बाद उन स्थितियों के लिए भी उपयुक्त प्रावधान करने होंगे, जिनमें लोक सभा या राज्य विधानसभाएं समय से पहले भंग हो जाएं। अतः ऐसी व्यवस्था के लिए अनुच्छेद 83 (संसद के सदनों की अवधि), अनुच्छेद 85 (संसद के सत्र, सत्रावसान और विघटन), अनुच्छेद 172 (राज्य विधानमंडलों की अवधि), अनुच्छेद 174 (राज्य विधानमंडल के सत्र, सत्रावसान और विघटन), अनुच्छेद 356 (राज्यों में सांविधानिक तंत्र के विफल होने की स्थिति में उपबंध/राज्यों में राष्ट्रपति शासन) आदि में संशोधन आवश्यक होगा। उल्लेखनीय है कि “एक राष्ट्र, एक चुनाव” पर एक उच्च-स्तरीय समिति 2 सितंबर, 2023 को पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की अध्यक्षता में गठित की गई थी, जिसने 14 मार्च, 2024 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।