भारतीय राजव्यवस्था PYQ 214 / 375 · सर्वोच्च न्यायालय

न्यायिक पुनर्विलोकन का अर्थ है कि सर्वोच्च न्यायालय -

  1. Aसभी मामलों पर अंतिम अधिकार रखता है
  2. Bराष्ट्रपति पर महाभियोग चला सकता है
  3. Cउच्च न्यायालयों द्वारा तय किए गए मामलों की समीक्षा कर सकता है
  4. Dकिसी भी राज्य के कानून को अमान्य घोषित कर सकता है

39th B.P.S.C. (Pre) 1994

उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (d) किसी भी राज्य के कानून को अमान्य घोषित कर सकता है

व्याख्या

न्यायिक पुनर्विलोकन का अर्थ है कि सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय किसी भी राज्य/केंद्र के कानून को अमान्य घोषित कर सकते हैं। यदि केंद्र या किसी राज्य द्वारा बनाए गए कानून संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करते हैं, तो सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय उन्हें शून्य घोषित कर सकते हैं। न्यायालयों की इस शक्ति को न्यायिक पुनर्विलोकन कहा जाता है।

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