बिहार विशेष PYQ 296 / 603 · आर्थिक परिदृश्य

PLFS 2023-24 के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा कथन बिहार में महिलाओं के रोजगार की प्रकृति का सबसे अच्छा वर्णन करता है?

  1. Aअधिकांश महिलाएं औपचारिक, नियमित वेतन वाली नौकरियों में नियोजित हैं
  2. Bअधिकांश महिलाएं स्वरोजगार में हैं, प्रायः घरेलू उद्यमों में सहायक के रूप में
  3. Cअधिकांश महिलाएं द्वितीयक क्षेत्र में लगी थीं
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक

71st B.P.S.C. (Pre) 2025

उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (b) अधिकांश महिलाएं स्वरोजगार में हैं, प्रायः घरेलू उद्यमों में सहायक के रूप में

व्याख्या

बिहार आर्थिक सर्वेक्षण, 2024–25 के अनुसार आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) रोजगार को तीन प्रमुख श्रेणियों में बांटता है—स्वरोजगार, नियमित वेतन/वेतनभोगी और आकस्मिक श्रम। PLFS 2023–24 पर आधारित विश्लेषण बताते हैं कि बिहार में कामकाजी महिलाओं का सबसे बड़ा हिस्सा स्वरोजगार श्रेणी में आता है। PLFS 2023–24 के आधार पर वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (CWS) के अंतर्गत बिहार की कुल महिला श्रमिकों में से 83.7 प्रतिशत स्वरोजगार में, 10.8 प्रतिशत आकस्मिक श्रम में और केवल 5.5 प्रतिशत नियमित वेतन/वेतनभोगी हैं। इन 83.7 प्रतिशत स्वरोजगार वाली महिला श्रमिकों में से 39.8 प्रतिशत घरेलू उद्यमों में सहायक के रूप में लगी हैं। नोट—स्वरोजगार श्रमिकों की श्रेणी में वे श्रमिक भी शामिल हैं जिनके पास घरेलू उद्यमों में काम था, परंतु बीमारी या किसी अन्य कारण से वे काम नहीं कर सके।

यह प्रश्न हल करेंसभी 603 बिहार विशेष PYQ