बिहार की निर्वाचित सरकार ने फरवरी 1938 में किस कारण से इस्तीफा दिया?
- Aयुद्ध में भारत की भागीदारी
- Bगांधी जी के आह्वान पर अंग्रेजों के विरुद्ध सत्याग्रह
- Cअंग्रेजों द्वारा लगाए गए भारी कर
- Dराजनीतिक बंदियों की रिहाई
- Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (d) राजनीतिक बंदियों की रिहाई
व्याख्या
भारत सरकार अधिनियम, 1935 के आधार पर फरवरी, 1937 में प्रांतीय विधानमंडलों के चुनाव हुए। जुलाई 1937 में कांग्रेस ने छह प्रांतों—मद्रास, बंबई, मध्य प्रांत और बरार, ओडिशा, बिहार और संयुक्त प्रांत—में मंत्रिपरिषदें बनाईं। बाद में कांग्रेस ने पश्चिमोत्तर सीमा प्रांत और असम में भी सहयोगी दलों के साथ मंत्रिपरिषदें बनाईं। 1936–37 के चुनावों में राजनीतिक बंदियों की रिहाई कांग्रेस के प्रमुख मुद्दों में से एक थी। विभिन्न प्रांतों में कांग्रेस सरकारों ने राजनीतिक बंदियों को रिहा करने का प्रयास किया, परंतु राज्यपालों ने इन प्रयासों का विरोध किया। परिणामस्वरूप संयुक्त प्रांत और बिहार की निर्वाचित कांग्रेस सरकारों ने 15 फरवरी, 1938 को इस्तीफा दे दिया।
This explanation is carried over from question 10 of this topic, which the book cross-references.