बिहार में यद्यपि ‘जमींदारी’ का 1952 में वैधानिक रूप से उन्मूलन कर दिया गया, फिर भी भूमि नियंत्रण का सामाजिक आधार किसकी पकड़ में बना रहा?
- Aमध्य जाति के हिंदू
- Bअनुसूचित जाति के हिंदू
- Cप्रभुत्वशाली जाति के हिंदू
- Dअनुसूचित जनजाति के हिंदू
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (c) प्रभुत्वशाली जाति के हिंदू
व्याख्या
1950 में बिहार सरकार ने “बिहार भूमि सुधार अधिनियम” पारित किया, जिसकी वैधता को सर्वोच्च न्यायालय ने (धारा 4(b) और 23(F) को छोड़कर) बरकरार रखा। 1954 और 1959 में इसमें संशोधन किए गए। परंतु अधिनियम में कुछ ऐसे प्रावधान थे जिनके अंतर्गत जमींदार घर, बगीचा, तालाब, पुस्तकालय, व्यापार आदि प्रयोजनों के लिए भूमि का एक बड़ा भाग अपने पास रख सकते थे। साथ ही कानून के धीमे क्रियान्वयन के कारण भूमि पर नियंत्रण प्रभुत्वशाली जातियों के पास ही बना रहा।