पंजाब में 'कूका आंदोलन' का आरंभिक उद्देश्य क्या था?
- Aसिख धर्म को शुद्ध करना
- Bपंजाब में राजनीतिक शक्ति प्राप्त करना
- Cकिसान आंदोलन संगठित करना
- Dउपर्युक्त में से एक से अधिक
- Eउपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (a) सिख धर्म को शुद्ध करना
व्याख्या
कूका आंदोलन काफी हद तक वहाबी आंदोलन जैसा था। दोनों धार्मिक आंदोलन के रूप में शुरू हुए, परंतु बाद में राजनीतिक आंदोलन बन गए, जिनका साझा उद्देश्य अंग्रेजों को देश से बाहर निकालना था। पश्चिमी पंजाब में कूका आंदोलन 1840 के दशक में भगत जवाहरमल ने शुरू किया, जिन्हें मुख्यतः सियान साहब के नाम से जाना जाता था। उनका उद्देश्य सिख धर्म में फैली बुराइयों और अंधविश्वासों को दूर कर उसे शुद्ध करना था। परंतु बाद में यह राजनीतिक आंदोलन बन गया, जिसका नेतृत्व राम सिंह ने किया। 1872 ई. में इस आंदोलन के नेता राम सिंह को रंगून (म्यांमार) निर्वासित कर दिया गया और 1885 ई. में मगुई (म्यांमार) में उनकी मृत्यु हो गई।