भारत में ब्रिटिश शासन के अधीन बिहार को पहली बार बंगाल प्रेसीडेंसी से कब अलग किया गया?
- A1912
- B1936
- C1947
- Dउपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (a) 1912
व्याख्या
1907 में महेश नारायण का निधन हो गया। वे बिहार टाइम्स नामक समाचार-पत्र प्रकाशित करते थे। इसी समाचार-पत्र के माध्यम से महेश नारायण ने बिहार को अलग करने की मांग रखी। पृथक्करण आंदोलन ने पूरे बिहार में जोर पकड़ा। महेश नारायण की मृत्यु के बाद डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा इस आंदोलन के प्रमुख नेता बने। बंगाल से अलग कर बिहार को पृथक राज्य का दर्जा देने की मांग उठी, जिसे 12 दिसंबर, 1911 को दिल्ली में हुए दरबार में स्वीकार कर लिया गया। ब्रह्मदेव प्रसाद, अली इमाम, मजहरुल हक और हसन इमाम भी डॉ. सिन्हा के साथ जुड़े। 1908–09 में बिहार प्रांतीय सम्मेलन का आयोजन हुआ। 1 अप्रैल, 1912 को बंगाल से अलग होकर बिहार और उड़ीसा का नया प्रांत अस्तित्व में आया, जिसकी राजधानी पटना थी। भारत सरकार अधिनियम, 1935 के अंतर्गत 1 अप्रैल, 1936 को उड़ीसा को बिहार से अलग कर नया प्रांत बनाया गया। इसलिए एक पृथक भारतीय प्रांत के रूप में बिहार का गठन 1 अप्रैल, 1936 से प्रभावी हुआ।
This explanation is carried over from question 81 of this topic, which the book cross-references.