बिहार विशेष PYQ 80 / 603 · ऐतिहासिक परिदृश्य

बिहार में पृथक राज्य के लिए आंदोलन का नेतृत्व करने वाला व्यक्ति, जिसके फलस्वरूप वर्ष 1911 में बिहार और ओडिशा नए प्रांत बने, था-

  1. Aसच्चिदानंद सिन्हा
  2. Bअनुग्रह नारायण सिन्हा
  3. Cजे. बी. कृपलानी
  4. Dबिरसा मुंडा

42nd B.P.S.C. (Pre) 1997-98

उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (a) सच्चिदानंद सिन्हा

व्याख्या

1907 में महेश नारायण का निधन हो गया। वे बिहार टाइम्स नामक समाचार-पत्र प्रकाशित करते थे। इसी समाचार-पत्र के माध्यम से महेश नारायण ने बिहार को अलग करने की मांग रखी। पृथक्करण आंदोलन ने पूरे बिहार में जोर पकड़ा। महेश नारायण की मृत्यु के बाद डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा इस आंदोलन के प्रमुख नेता बने। बंगाल से अलग कर बिहार को पृथक राज्य का दर्जा देने की मांग उठी, जिसे 12 दिसंबर, 1911 को दिल्ली में हुए दरबार में स्वीकार कर लिया गया। ब्रह्मदेव प्रसाद, अली इमाम, मजहरुल हक और हसन इमाम भी डॉ. सिन्हा के साथ जुड़े। 1908–09 में बिहार प्रांतीय सम्मेलन का आयोजन हुआ। 1 अप्रैल, 1912 को बंगाल से अलग होकर बिहार और उड़ीसा का नया प्रांत अस्तित्व में आया, जिसकी राजधानी पटना थी। भारत सरकार अधिनियम, 1935 के अंतर्गत 1 अप्रैल, 1936 को उड़ीसा को बिहार से अलग कर नया प्रांत बनाया गया। इसलिए एक पृथक भारतीय प्रांत के रूप में बिहार का गठन 1 अप्रैल, 1936 से प्रभावी हुआ।

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