मध्यकालीन इतिहास PYQ 117 / 123 · सिख, मराठा और मुगल साम्राज्य का पतन

मराठा शासकों की अष्टप्रधान व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए:

अधिकारीविभाग
a. सचिव1. प्रधानमंत्री
b. पेशवा2. पत्राचार प्रभारी
c. सुमंत3. वित्त मंत्री
d. अमात्य4. विदेश मंत्री

सही विकल्प चुनिए:

  1. Aa-2, b-1, c-4, d-3
  2. Ba-1, b-2, c-3, d-4
  3. Ca-3, b-4, c-1, d-2
  4. Dउपर्युक्त में से एक से अधिक

70th B.P.S.C. Pre-2024

उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (a) a-2, b-1, c-4, d-3

व्याख्या

मराठा राज्य के प्रशासन के लिए शिवाजी ने केंद्रीय स्तर पर अष्टप्रधान व्यवस्था बनाई, जिसके अंतर्गत आठ मंत्री नियुक्त किए गए। इनमें पेशवा, अमात्य, मंत्री, सचिव, सुमंत, सेनापति, पंडितराव और न्यायाधीश शामिल थे। ये शिवाजी के प्रशासन में आधुनिक सचिवों की भांति काम करते थे। इनका काम केवल राजा को परामर्श देना था। इसे वास्तविक अर्थ में मंत्रिपरिषद नहीं कहा जा सकता। प्रत्येक मंत्री राजा के प्रति उत्तरदायी था। विवरण इस प्रकार है—

  • (i) पेशवा – राजा का प्रधानमंत्री।
  • (ii) अमात्य या मजमुआदार – वित्त और राजस्व मंत्री।
  • (iii) वाकियानवीस या मंत्री – राजा के दैनिक कार्यों और दरबार की प्रतिदिन की कार्यवाहियों का विवरण रखता था।
  • (iv) सचिव या शुरुनवीस – राजकीय पत्र-व्यवहार देखता था।
  • (v) सुमंत या दबीर – विदेश मंत्री।
  • (vi) सेनापति या सर-ए-नौबत – सेना की भर्ती, संगठन, रसद आदि का प्रबंध करता था।
  • (vii) पंडितराव – विद्वानों के लिए अनुदान और धार्मिक कार्यों का दायित्व।
  • (viii) न्यायाधीश – मुख्य न्यायाधीश।
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