चंद्रगुप्त मौर्य का विशेष वर्णन किसके ग्रंथ में मिलता है?
- Aभास
- Bशूद्रक
- Cविशाखदत्त
- Dअश्वघोष
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (c) विशाखदत्त
व्याख्या
विशाखदत्त के 'मुद्राराक्षस' में, जो उसे वृषल और कुलहीन कहता है। ढुंढिराज ने अठारहवीं शताब्दी में इस पर टीका लिखी।