चर्बी वाले कारतूसों वाली नई एनफील्ड राइफल ब्रिटिश भारतीय सेना में कब शामिल की गई?
- Aनवंबर, 1856
- Bदिसंबर, 1856
- Cजनवरी, 1857
- Dफरवरी, 1857
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (b) दिसंबर, 1856
व्याख्या
दिसंबर, 1856 में सरकार ने पुरानी ब्राउन बेस बंदूक के स्थान पर नई एनफील्ड राइफल लाने का निर्णय लिया। इन राइफलों का प्रशिक्षण दमदम, अंबाला और सियालकोट में दिया जाना था। इनमें चर्बी वाले कारतूस प्रयुक्त होते थे, जिनपर गाय और सुअर की चर्बी लगी होने की बात कही गई। इस राइफल में कारतूस का ऊपरी भाग मुंह से काटना पड़ता था। जनवरी, 1857 में बंगाल सेना में अफवाह फैल गई कि चर्बी वाले कारतूसों में गाय और सुअर की चर्बी है। सैन्य अधिकारियों ने ठीक से जांच किए बिना तुरंत इसका खंडन कर दिया। परंतु सैनिकों को विश्वास हो गया कि ऐसे कारतूसों का प्रयोग उनका धर्म भ्रष्ट करने का एक सुनियोजित प्रयास है, और यही 1857 के विद्रोह का तात्कालिक कारण बना।