मद्रास में रैयतवाड़ी व्यवस्था किसने लागू की?
- Aलॉर्ड कॉर्नवालिस
- Bथॉमस मुनरो
- Cलॉर्ड विलियम बेंटिक
- Dलॉर्ड वेलेजली
- Eउपर्युक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (b) थॉमस मुनरो
व्याख्या
रैयतवाड़ी व्यवस्था सबसे पहले प्रयोग के रूप में मद्रास प्रेसीडेंसी में 1792 ई. में अलेक्जेंडर रीड द्वारा तमिलनाडु के बारामहल क्षेत्र में लागू की गई। थॉमस मुनरो रैयतवाड़ी व्यवस्था से निकट रूप से जुड़ा है; 1820 ई. में मद्रास का गवर्नर बनने के बाद उसने इसे पूरी मद्रास प्रेसीडेंसी में लागू किया। मुनरो के शिष्य एलफिंस्टन ने इसे बंबई प्रेसीडेंसी में लागू किया। यह व्यवस्था ब्रिटिश भारत के कुल क्षेत्रफल के लगभग 51% भाग (मद्रास, बंबई के कुछ भाग, असम और कुर्ग, जो अब आधुनिक कर्नाटक का भाग है, आदि) में लागू थी। इसमें रैयतों को भूमि का स्वामित्व दिया गया और वे सीधे तथा व्यक्तिगत रूप से भू-राजस्व चुकाने के लिए उत्तरदायी थे। 1835 ई. के बाद जी. विंगेट और एच.ई. गोल्डस्मिथ ने इस व्यवस्था में सुधार किए।