आई.एन.ए. किसके दिमाग की उपज थी और इसकी स्थापना किसने की?
- Aसुभाष चंद्र बोस
- Bमोहन सिंह
- Cचंद्रशेखर आजाद
- Dभगत सिंह
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (b) मोहन सिंह
व्याख्या
व्यावहारिक रूप से एक सैन्य इकाई के रूप में इंडियन नेशनल आर्मी (अन्य नाम: आजाद हिंद फौज) का गठन 15 जुलाई, 1942 को कैप्टन मोहन सिंह के नेतृत्व में हुआ, जबकि जून, 1942 के बैंकॉक सम्मेलन के प्रस्तावों ने आई.एन.ए. के गठन का मार्ग प्रशस्त किया था। उल्लेखनीय है कि मलाया क्षेत्र के भारतीयों ने 'ऑल मलाया इंडियन इंडिपेंडेंस लीग' नामक राजनीतिक संगठन बनाया था, जिसकी अध्यक्षता के लिए रासबिहारी बोस को आमंत्रित किया गया। जून, 1942 में हुए बैंकॉक सम्मेलन में एक 'काउंसिल ऑफ एक्शन' और एक 'प्रतिनिधि समिति' बनाने का प्रस्ताव किया गया, जिसे 'इंडियन इंडिपेंडेंस लीग' और 'इंडियन नेशनल आर्मी' के बीच समन्वय और देखरेख का दायित्व सौंपा गया। रासबिहारी बोस काउंसिल ऑफ एक्शन के अध्यक्ष बनाए गए, जबकि के.पी.के. मेनन और नेद्यम राघवन नागरिक सदस्य तथा मोहन सिंह और गिलानी सैनिक सदस्य थे। जापानियों से वैचारिक मतभेदों के कारण दिसंबर, 1942 में मोहन सिंह ने आई.एन.ए. को भंग करने की घोषणा की; परंतु रासबिहारी बोस ने मोहन सिंह को उनके पद से हटा दिया। बाद में जापानी सेना ने मोहन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। रासबिहारी बोस ने आई.एन.ए. का नेतृत्व महानायक सुभाष चंद्र बोस को सौंप दिया। सिंगापुर पहुंचने के दो दिन बाद 4 जुलाई, 1943 को सुभाष चंद्र बोस ने इंडियन नेशनल आर्मी का नेतृत्व संभाला। सुविधा के लिए इसे दूसरी इंडियन नेशनल आर्मी भी कहा जाता है। हिंदी में हम इसे 'आजाद हिंद फौज' के नाम से जानते हैं।