दूसरा गोलमेज सम्मेलन किस मुद्दे पर असफल रहा?
- Aसांप्रदायिक प्रतिनिधित्व
- Bडोमिनियन दर्जा देना
- Cसत्ता हस्तांतरण की तिथि
- Dसविनय अवज्ञा आंदोलन का स्थगन
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (a) सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व
व्याख्या
दूसरा गोलमेज सम्मेलन 7 सितंबर, 1931 को शुरू हुआ, जिसमें महात्मा गांधी ने कांग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया। सांप्रदायिक मुद्दे पर विवादों के कारण सम्मेलन किसी निर्णायक निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सका। दलित नेता बी.आर. अंबेडकर ने दलितों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल की मांग की, जिसे गांधी जी ने अस्वीकार कर दिया। अंततः सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व पर गतिरोध के कारण 1 दिसंबर, 1931 को सम्मेलन समाप्त घोषित कर दिया गया।