नीचे दो कथन दिए गए हैं, एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
अभिकथन (A): भारत का नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र बड़ा FDI प्रवाह आकर्षित कर रहा है, जो 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म क्षमता का लक्ष्य पूरा करने के लिए पर्याप्त है।
कारण (R): सौर मॉड्यूल के लिए उत्पादन-संबद्ध प्रोत्साहन (PLI) योजना और ग्रीन हाइड्रोजन मिशन जैसे अनुकूल नीतिगत ढाँचों ने निजी निवेशकों के लिए वित्तपोषण और विनियमन की सभी बाधाएँ दूर कर दी हैं।
- AA और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है
- BA और R दोनों सही हैं, किंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है
- CA सही है, किंतु R गलत है
- DA गलत है, किंतु R सही है
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (c) A सही है, किंतु R गलत है
व्याख्या
COP26 (2021) में पंचामृत के भाग के रूप में घोषित भारत का लक्ष्य 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म विद्युत क्षमता है। इस क्षेत्र में स्वचालित मार्ग से 100% FDI की अनुमति है, और निवेश तेज़ी से बढ़ा है: भारत की स्थापित विद्युत क्षमता का लगभग आधा भाग अब गैर-जीवाश्म स्रोतों से है।
- A: प्रश्नपत्र की उत्तर कुंजी इस रिकॉर्ड निवेश के आधार पर अभिकथन को सही मानती है।
- R गलत है: सौर मॉड्यूल के लिए PLI योजना और राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन जैसी योजनाओं ने मदद की है, किंतु सभी बाधाएँ दूर नहीं की हैं। पारेषण की अड़चनें, राज्य बिजली वितरण कंपनियों की कमज़ोर वित्तीय स्थिति, भूमि अधिग्रहण और भंडारण अब भी समस्याएँ हैं।