नीचे दो कथन दिए गए हैं, एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
अभिकथन (A): भारत की राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (NMP) से पूँजीगत व्यय में कटौती किए बिना राजकोषीय घाटा घटाकर राजकोषीय समेकन को मज़बूत करने की अपेक्षा है।
कारण (R): परिसंपत्ति मुद्रीकरण से प्राप्त राशि को पूँजीगत प्राप्तियाँ माना जाता है, जिससे उनका उपयोग राजस्व व्यय के बजाय अवसंरचना निर्माण के वित्तपोषण में किया जा सकता है।
- AA और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है
- BA और R दोनों सही हैं, किंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है
- CA सही है, किंतु R गलत है
- DA गलत है, किंतु R सही है
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (a) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या
राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (NMP), जिसकी घोषणा अगस्त 2021 में हुई और जिसे नीति आयोग ने तैयार किया, FY2022 से FY2025 के बीच चालू ब्राउनफ़ील्ड सार्वजनिक परिसंपत्तियों, जैसे सड़कें, रेलवे और बिजली लाइनें, निजी संचालकों को पट्टे पर देकर लगभग ₹6 लाख करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखती है। स्वामित्व सरकार के पास रहता है, और पट्टे के अंत में परिसंपत्तियाँ उसे लौट आती हैं।
- R सही है: मुद्रीकरण से मिली राशि ऋण-रहित पूँजीगत प्राप्ति है, और इसका उद्देश्य नई अवसंरचना का वित्तपोषण करना है (परिसंपत्ति पुनर्चक्रण), न कि वेतन या सब्सिडी जैसा राजस्व व्यय।
- A सही है, और R इसकी व्याख्या करता है: क्योंकि यह राशि उधार का स्थान लेती है, सरकार राजकोषीय घाटा घटाते हुए भी पूँजीगत व्यय ऊँचा रख सकती है।