अर्थव्यवस्था PYQ 3 / 50 · मूल अवधारणाएँ और राष्ट्रीय आय

निम्नलिखित में से कौन-सा भारत में सेवा क्षेत्र के योगदान में वृद्धि का प्रेरक कारक नहीं है?

  1. Aवैश्वीकरण और उदारीकरण
  2. Bप्रौद्योगिकी उन्नति
  3. Cशहरीकरण
  4. Dमूल (कोर) उद्योगों में कमी

B.P.S.C. AEDO 2026

उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (d) मूल (कोर) उद्योगों में कमी

व्याख्या

सेवाएँ अब भारत के GVA का आधे से अधिक भाग देती हैं। उनकी वृद्धि के मुख्य प्रेरक हैं:

  • 1991 के बाद वैश्वीकरण और उदारीकरण, जिसने अर्थव्यवस्था खोली और भारत को IT और IT-सक्षम सेवाओं का बड़ा निर्यातक बनाया;
  • प्रौद्योगिकी उन्नति: दूरसंचार, इंटरनेट और डिजिटल भुगतान ने नई सेवाएँ बनाईं और मौजूदा सेवाओं को सस्ता किया;
  • शहरीकरण और बढ़ती आय, जो बैंकिंग, खुदरा व्यापार, परिवहन, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और मनोरंजन की माँग बढ़ाते हैं।

मूल उद्योगों में कमी प्रेरक नहीं है: उद्योग और सेवाएँ एक-दूसरे को सहारा देते हैं, क्योंकि उद्योग को बैंकिंग, परिवहन, बीमा और संचार सेवाओं की आवश्यकता होती है।

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