निम्नलिखित में से कौन-सा भारत में सेवा क्षेत्र के योगदान में वृद्धि का प्रेरक कारक नहीं है?
- Aवैश्वीकरण और उदारीकरण
- Bप्रौद्योगिकी उन्नति
- Cशहरीकरण
- Dमूल (कोर) उद्योगों में कमी
उत्तर और व्याख्या देखें
सही उत्तर: (d) मूल (कोर) उद्योगों में कमी
व्याख्या
सेवाएँ अब भारत के GVA का आधे से अधिक भाग देती हैं। उनकी वृद्धि के मुख्य प्रेरक हैं:
- 1991 के बाद वैश्वीकरण और उदारीकरण, जिसने अर्थव्यवस्था खोली और भारत को IT और IT-सक्षम सेवाओं का बड़ा निर्यातक बनाया;
- प्रौद्योगिकी उन्नति: दूरसंचार, इंटरनेट और डिजिटल भुगतान ने नई सेवाएँ बनाईं और मौजूदा सेवाओं को सस्ता किया;
- शहरीकरण और बढ़ती आय, जो बैंकिंग, खुदरा व्यापार, परिवहन, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और मनोरंजन की माँग बढ़ाते हैं।
मूल उद्योगों में कमी प्रेरक नहीं है: उद्योग और सेवाएँ एक-दूसरे को सहारा देते हैं, क्योंकि उद्योग को बैंकिंग, परिवहन, बीमा और संचार सेवाओं की आवश्यकता होती है।