आधुनिक इतिहास PYQ 56 / 709 · गवर्नर / गवर्नर जनरल / वायसराय

लॉर्ड डलहौज़ी का संवैधानिक और शैक्षिक सुधारों के प्रति दृष्टिकोण उन्नीसवीं शताब्दी के मध्य की ब्रिटिश औपनिवेशिक नीति की निम्नलिखित में से किस व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाता था?

  1. Aभारतीय प्रतिनिधियों को राजनीतिक शक्ति का क्रमिक हस्तांतरण
  2. Bसीमित उदार सुधारों के माध्यम से साम्राज्यवादी नियंत्रण का सुदृढ़ीकरण
  3. C1853 के चार्टर एक्ट के अंतर्गत पूर्ण स्वशासन की ओर संक्रमण
  4. Dप्रशासनिक दक्षता की तुलना में मिशनरी गतिविधियों को प्राथमिकता

B.P.S.C. AEDO 2026

उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (b) सीमित उदार सुधारों के माध्यम से साम्राज्यवादी नियंत्रण का सुदृढ़ीकरण

व्याख्या

लॉर्ड डलहौज़ी (1848–1856) ने सीमित उदार सुधार किए, किंतु राजनीतिक शक्ति दृढ़ता से अंग्रेज़ों के हाथ में रखी, अतः उनकी नीति सीमित सुधारों के माध्यम से साम्राज्यवादी नियंत्रण के सुदृढ़ीकरण को दर्शाती थी:

  • 1853 के चार्टर एक्ट ने गवर्नर-जनरल के विधायी कार्य को उसके कार्यकारी कार्य से अलग किया और सिविल सेवा को प्रतियोगिता के लिए खोला, किंतु भारतीयों को सत्ता में बहुत कम वास्तविक हिस्सा दिया;
  • वुड के डिस्पैच (1854) ने विद्यालयों से विश्वविद्यालयों तक शिक्षा प्रणाली की योजना बनाई;
  • रेलवे, तार और डाक प्रणाली ने भारत को जोड़ा, पर ब्रिटिश नियंत्रण में भी सहायता की;
  • उन्होंने व्यपगत के सिद्धांत और युद्ध द्वारा अनेक राज्य मिला लिए।
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