आधुनिक इतिहास PYQ 203 / 709 · सामाजिक एवं धार्मिक आंदोलन

सत्यशोधक समाज के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  • 1. इसका मुख्य उद्देश्य ब्राह्मण वर्चस्व को चुनौती देना और निम्न जातियों के लिए समानता को बढ़ावा देना था।
  • 2. इसने महिलाओं और निम्न जातियों की सार्वभौमिक शिक्षा के लिए काम किया।
  • 3. समाज ने अस्पृश्यता को एक आवश्यक सामाजिक प्रथा के रूप में समर्थन दिया।

ऊपर दिए गए कथनों में से कितने सही हैं?

  1. Aकेवल एक
  2. Bकेवल दो
  3. Cइनमें से कोई नहीं
  4. Dतीनों

B.P.S.C. AEDO 2026

उत्तर और व्याख्या देखें

सही उत्तर: (b) केवल दो

व्याख्या

केवल कथन 1 और 2 सही हैं।

ज्योतिराव फुले ने 1873 में पुणे में सत्यशोधक समाज (सत्य के खोजियों की संस्था) की स्थापना की।

  • कथन 1 सही है: इसने धर्म और समाज में ब्राह्मणों के वर्चस्व को चुनौती दी और निम्न जातियों की समानता के लिए काम किया।
  • कथन 2 सही है: फुले और उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले ने लड़कियों और निम्न जातियों के बच्चों के लिए विद्यालय खोले।
  • कथन 3 गलत है: समाज ने अस्पृश्यता का विरोध किया; उसने कभी इसका समर्थन नहीं किया।

फुले की पुस्तक *गुलामगिरी* (1873) ने जातिगत उत्पीड़न पर प्रहार किया।

यह प्रश्न हल करेंसभी 709 आधुनिक इतिहास PYQ